हिंदी भारतवर्ष के हृदय-देश स्थित करोड़ों नर-नारियों के हृदय और मस्तिष्क को खुराक देने वाली भाषा है।

- हज़ारीप्रसाद द्विवेदी

राष्ट्रभाषा के बिना राष्ट्र गूंगा है। मेरा यह मत है कि हिंदी ही हिन्दुस्तान की राष्ट्रभाषा हो सकती है और होनी
चाहिए ।

- महात्मा गाँधी

इस समग्र देश की एकता के लिए हिंदी अनिवार्य है।

- राजा राममोहन राय

हिंदी ही उत्तर और दक्षिण को जोड़ने वाली समर्थ भाषा है।

- अनन्त शयनम अयंगर

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