माननीय प्रधान मंत्री जी का सन्देश

मॉरीशस गणराज्य

4 जून 2018

मॉरीशस में विश्व हिंदी सम्मलेन के आतिथ्य का स्वर्णावसर प्राप्त करके हमें अति प्रसन्नता हो रही है| इस अद्वितीय जुटाव में आप सबका हार्दिक स्वागत करता हूँ|

विश्व हिंदी सम्मलेन का यह ११वाँ संस्करण भारतीय संस्कृति पर केंद्रित है; हिंदी उसी संस्कृति का अभिन्न अंग है और उसके संवहन की प्रमुख वाहिका भी है|

यह सम्मलेन भारतीय प्रवासी समुदाय को भाषा वैज्ञानिक दृष्टि से परिभाषित अपनी अस्मिता और भाषा के प्रति आत्मीयता ज्ञापित करने का अवसर प्रदान करेगा|

विश्व के कोने-कोने से आने वाले हिंदी विद्वान सनातन भारतीय संस्कृति तथा उसकी महत्ता पर शोधपूर्ण आलेख प्रस्तुत करेंगे| साथ ही, वे विचार-विमर्श करेंगे कि हिंदी के विकास को बढ़ावा देने के लिए किन नीतियों को अपनाया जाए|

यह सर्वविदित है कि संस्कृत हिंदी की जननी है| शताब्दियों से यह अनेक अन्य भाषाओं को स्वयं में समाती रही है| यह खुलापन हिंदी को एक समृद्ध एवं संयोजित भाषा के रूप में उभरने में सहायक बना| भारतीय कवियों, संतों एवं मनीषियों ने हिंदी के संवर्धन में योगदान दिया है| विभिन्न देशों के अन्य रचनाकारों ने हिंदी साहित्य की प्रभा बढ़ाई है और उसका वैश्विक विस्तार निश्चित किया है|

मैं भारत के उन समस्त हिंदी प्रेमियों के प्रति कृतज्ञ हूँ, जिन्होंने दूत की भूमिका निभाते हुए, सुदूर देशों में हिंदी का विस्तार किया| भारत से दूरदेशों में जन्मे उन लोगों के प्रति भी साधुवाद, जिनके प्रयासों से हिंदी विश्व भर में फैली|

उनके उत्साह, समर्पण एवं संकल्प के कारण आज हिंदी विश्व की एक प्रमुख भाषा है| सूचना-प्रौद्योगिकी की सहायता से तथा भारतीय सरकार एवं हिंदी प्रेमियों के ठोस कदम के परिणामस्वरूप अब हिंदी की गति उप-महाद्वीप एवं ससे इतर तीव्र होती जा रही है|

मॉरीशस में भी दशकों से, वस्तुतः भारतीय आप्रवास से ही आप्रवासियों के मन में हिंदी को समुचित स्थान दिलाने का निरंतर प्रयास किया गया| हिंदी मॉरीशस और भारत के बीच एक अतिरिक्त सेतु बनी| और इस सेतु द्वारा विश्व भर के हिंदी प्रेमियों तक पहुँचने का मार्ग सुरक्षित हुआ|

११वाँ विश्व हिंदी सम्मलेन परिचर्चा का मंच होगा, जहाँ वैश्विक हिंदी परिवार के राजनेताओं, कर्मठ समाजसेवियों एवं विद्वानों के बीच विचारों का महत्वपूर्ण एवं सार्थक आदान-प्रदान होगा| यह हमारे लिए गर्व का विषय है| मॉरीशस के सभी नागरिक आपके स्वागत एवं सुखद ठहराव हेतु हर संभव प्रयास कर रहे हैं|

मुझे विश्वास है कि यह वेबसाइट ११वें विश्व हिंदी सम्मलेन को सही दिशा प्रदान करेगा| मैं पूर्णतः विश्वस्त हूँ कि यह उन लोगों के लिए एक प्रबल आधार सिद्ध होगा, जो विश्व भर में भारी जागरूकता उत्पन्न करने वाले उस भव्य समारोह में भाग लेने हेतु उत्साहपूर्वक प्रतीक्षारत हैं|

मेरी उत्कट अभिलाषा है कि ११वाँ विश्व हिंदी सम्मलेन उन प्रख्यात विद्वानों द्वारा अनुष्ठित एक ऐसा यज्ञ हो, जो भाषाई एवं सांस्कृतिक विभिन्नता के बावजूद भी एक ही लक्ष्य से अनुप्रेरित हैं| इन आहुतियों द्वारा संपूर्ण वातावरण पवित्र तथा आलोकित हो!विश्व हिंदी सम्मलेन की सफलता की मेरी शुभकानाएँ|

श्री प्रवीण कुमार जगन्नाथ

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