द्वितीय विश्व हिंदी सम्मेलन (मॉरीशस)

द्वितीय विश्व हिंदी सम्मेलन
तिथि 28-30 अगस्त,1976
स्थान पोर्ट लुई, मॉरीशस
आयोजक सम्मेलन के आयोजक राष्ट्रीय आयोजन समिति के अध्यक्ष, डॉ सर शिव सागर रामगुमाल, प्रधान मंत्री, मारीशस थे।
बोध वाक्य 'वसुधैव कुटुंबकम्'
प्रतिनिधिमंडल की अध्यक्षता इस सम्मेलन में भारत से डॉ कर्ण सिंह, स्वास्थ्य एवं परिवार नियोजन मंत्री की अध्यक्षता में 23 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया।
उद्घाटन- समारोह
सम्मेलन का उद्घाटन 28 अगस्त,1976
अध्यक्षता डॉ कर्ण सिंह, स्वास्थ्य एवं परिवार नियोजन मंत्री, भारत
स्वागत भाषण श्री दयानंद बसंतराय,युवा एवं क्रीड़ा मंत्री,मॉरीशस
अन्य-वक्ता अनंत गोपाल शेवड़े, महासचिव, प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन
आभार डॉ रेजिस शापरों,शिक्षा एवं संस्कृति मंत्री, मारीशस
समापन- समारोह
आयोजन 30 अगस्त,1976
अध्यक्षता डॉ कर्ण सिंह, स्वास्थ्य एवं परिवार नियोजन मंत्री,भारत
अन्य-वक्ता
  • डॉ निकोल बलबीर फ्राँस
  • डॉ लोथार लुत्से, जर्मनी
  • फादर कामिल बुल्के
  • श्री अमृतलाल नागर
  • श्री दयानंद बसंतराय,युवा एवं क्रीडा मंत्री,मॉरीशस
आभार सर शिव सागर रामगुलाम, प्रधानमंत्री,मॉरीशस
शैक्षिक- सत्र

सम्मेलन के दौरान निम्नलिखित चार विषयों पर पूर्ण सत्र आयोजित किए गएः

  • हिंदी की अंतर्राष्ट्रीय स्थिति,शैली और स्वरूप
  • जन-संचार के साधन और हिंदी
  • हिंदी के प्रचार में स्वैच्छिक संस्थाओं की भूमिका
  • विश्व में हिंदी के पठन-पाठन की समस्या
प्रदर्शनी सम्मेलन में एक पुस्तक प्रदर्शनी और एक चित्र प्रदर्शनी लगाई गई। सम्मेलन के बाद इस पुस्तक प्रदर्शनी में प्रदर्शित सभी पुस्तकें महात्मा गाँधी संस्थान को भेंट की गई।
सांस्कृतिक- कार्यक्रम भारतीय कला केंद्र की प्रस्तुतियाँ, महात्मा गांधी संस्थान,मॉरीशस की प्रस्तुतियाँ, युवा एवं क्रीड़ा मंत्रालय,मॉरीशस द्वारा 'एवं इन्द्रजीत', नाटक की प्रस्तुति, 'कवि-सम्मेलन'
विदेशी प्रतिभागिता सम्मेलन में 17 देशों के 181 प्रतिनिधियों ने भाग लिया
अन्य विशेषताएं
  • मॉरीशस के तीन डाक टिकट जारी किए गए।
  • 31 अगस्त,1976 को भारतीय अप्रवासियों की स्मृति में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया।
  • इमिग्रेशन स्क्वेयर, पोर्ट लुई में 31 अगस्त,1976 को डॉ. कर्ण सिंह द्वारा सनातन धर्म मंदिर संघ के भवन का शिलान्यास किया गया।
  • नागरी प्रचारिणी सभा द्वारा प्रकाशित 'तुलसी- ग्रंथावली' के तृतीय खंड का लोकार्पण किया गया।
  • 30 अगस्त को मॉरीशस के प्रधानमंत्री द्वारा बोबासें में 'त्रिवेणी भवन' का उद्घाटन किया गया।

द्वितीय विश्व हिंदी सम्मेलन में पारित मंतव्य

  • मारीशस में एक विश्व हिंदी केन्द्र की स्थापना की जाए जो सारे विश्व की हिंदी गतिविधियों का समन्वय कर सके।
  • एक अन्तर्राष्ट्रीय पत्रिका का प्रकाशन हो जो भाषा के माध्यम से ऐसे समुचित वातावरण का निर्माण कर सके जिसमें मानव विश्व का नागरिक बना रहे।
  • सम्मेलन में प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन में पारित इस प्रस्ताव का फिर से समर्थन किया गया कि हिंदी को संयुक्त राष्ट्र संघ में एक आधिकारिक भाषा के रूप में स्थान मिले और सिफारिश की गई कि इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए एक समयबद्ध कार्यक्रम बनाया जाए।
Go to Navigation