छठा विश्व हिंदी सम्मेलन (यू. के.)

छठा विश्व हिंदी सम्मेलन
तिथि 14-18 सितंबर, 1999
स्थान लंदन, ब्रिटेन
आयोजक यू.के. हिंदी समिति, गीतांजलि बहुभाषी समुदाय, बर्मिंघम और भारतीय भाषा संगम, यार्क द्वारा राष्ट्रीय आयोजन समिति का गठन किया गया, जिसके अध्यक्ष डॉ. कृष्ण कुमार और संयोजक डॉ पद्मेश गुप्त थे।
विषय हिंदी और भावी पीढ़ी
प्रतिनिधिमंडल की अध्यक्षता भारतीय प्रतिनिधिमंडल की नेता विदेश राज्य मंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे थी। प्रतिनिधिमंडल के उपनेता डॉ विद्या निवास मिश्र, प्रसिद्ध साहित्यकार थे।
उद्घाटन समारोह
सम्मेलन का उद्घाटन सम्मेलन का उद्घाटन भारत की विदेश राज्य मंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे द्वारा किया गया।
मुख्य अतिथि कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ब्रिटेन की व्यापार एवं उद्योग मंत्री, सुश्री पैट्रीशिया ह्यूविट थीं।
अन्य वक्ता
  • श्री ललित मानसिंह, ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त
  • डॉ. कृष्ण कुमार, अध्यक्ष, राष्ट्रीय आयोजन समिति
30 शैक्षिक सत्र
  • हिंदी में दलित साहित्य
  • हिंदी में संस्मरण/आत्मकथा
  • हिंदी आलोचना
  • हिंदी लोकगीत
  • व्यंग्य साहित्य
  • हिंदी पत्रकारिता
  • हिंदी कविता
  • हिंदी एवं अन्य भाषाएँ
  • कथा साहित्य (कहानी/उपन्यास)
  • गद्य गीत की परंपरा
  • हिंदी व्याकरण – बदलते रूप
  • हिंदी और आगामी पीढ़ी
  • हिंदी निबंध
  • हिंदी की तकनीकी प्रगति
  • हिंदी भक्ति साहित्य
  • हिंदी में यात्रा वृत्तांत साहित्य
  • हिंदी भाषा विज्ञान
  • हिंदी आप्रवासी/उपनिवेशी संदर्भ
  • हिंदी की स्वैच्छिक संस्थाओं का योगदान
  • हिंदी शिक्षण/प्रशिक्षण
  • हिंदी का शब्द भण्डार
  • हिंदी और नवजागरण
  • हिंदी का मानकीकरण
  • विश्व हिंदी साहित्य
  • अंतरराष्ट्रीय भाषा के रूप में हिंदी
  • मीडिया और हिंदी
  • राजभाषा हिंदी
  • हिंदी और अनुवाद
  • हिंदी में वाड़्मय विस्तार
  • यू.के. में हिंदी
समापन समारोह
मुख्य अतिथि श्रीमती वसुंधरा राजे
अन्य वक्ता
  • डॉ. विद्या निवास मिश्र
  • नरेन्द्र मोहन
  • मधुकर राव चौधरी
  • विवेकानंद शर्मा
  • प्रो. इन्द्रनाथ चौधुरी
  • डॉ पद्मेश गुप्त
अन्य कार्यक्रम
प्रदर्शनी
  • पुस्तक एवं फोटो प्रदर्शनी, डी.ए.वी.पी. द्वारा
  • सी. डैक द्वारा कंप्यूटर प्रदर्शनी
सांस्कृतिक कार्यक्रम
  • जापानी विद्यार्थियों द्वारा कायाकल्प' नाट्य प्रस्तुति
  • श्रीमती शोभना नारायण द्वारा नृत्य प्रस्तुति
  • श्री भूपेन हजारिका द्वारा गायन
विदेशों से सहभागिता 21 देशों के 700 प्रतिनिधि
  • भारत 350
  • ब्रिटेन 200
  • अन्य 19 देशों से 150
अन्य विशेषताएँ
  • सम्मेलन में भाषा और साहित्य दोनो पर विशेष बल दिया गया।
  • हिंदी के राजभाषा बनने के 50 वर्ष भी 1999 में पूरे हुए।

छठे विश्व हिंदी सम्मेलन में पारित मंतव्य

  • विश्व भर में हिंदी के अध्ययन-अध्यापन, शोध, प्रचार-प्रसार और हिंदी सृजन में समन्वय के लिए महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय केंद्र सक्रिय भूमिका निभाए।
  • विदेशों में हिंदी शिक्षण, पाठ्यक्रमों के निर्धारण, पाठ्य पुस्तकों के निर्माण, अध्यापकों के प्रशिक्षण आदि की व्यवस्था भी विश्वविद्यालय करे और सुदूर शिक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाए।
  • मॉरीशस सरकार अन्य हिंदी-प्रेमी सरकारों से परामर्श कर शीघ्र विश्व हिंदी सचिवालय स्थापित करे।
  • हिंदी को संयुक्त राष्ट्र में मान्यता दी जाए।
  • हिंदी की सूचना तकनीक के विकास, मानकीकरण, विज्ञान एवं तकनीकी लेखन, प्रसारण एवं संचार की अद्यतन तकनीक के विकास के लिए भारत सरकार एक कंद्रीय एजेंसी स्थापित करे।
  • नई पीढ़ी में हिंदी को लोकप्रिय बनाने के लिए आवश्यक पहल की जाए।
  • भारत सरकार विदेश स्थित अपने दूतावासों को निर्देश दे कि वे भारतवंशियों की सहायता से विद्यालयों में एक भाषा के रूप में हिंदी शिक्षण की व्यवस्था करवाएं।

छठे विश्व हिंदी सम्मेलन में सम्मानित विद्वान

विदेशी हिंदी विद्वान

क्र.सं. नाम
1. सुश्री मारिओला अफ्रीदी इटली
2. प्रो. श्याम मनोहर पाण्डे इटली
3. प्रो. तोमियो मिजोकामी जापान
4. प्रो. लिण्डा हेस अमरीका
5. श्री ओंकार नाथ श्रीवास्तव यू.के.
6. सुश्री सुचित्रा रामदीन मारीशस
7. श्री राजेन्द्र अरूण मारीशस
8. श्री विवेकानंद शर्मा फिजी
9. श्री महातम सिंह सूरीनाम
10. श्री रवि महाराज ट्रिनीडाड एवं टोबेगो
11. सुश्री मारिया नैग्येसी हंगरी
12. श्री सूर्य नाथ गोप नेपाल
13. श्री फतिह गुलियामोविच तेशोबेव उजबेकिस्तान
14. श्री डियम स्टैग नीदरलैण्ड
15. श्री दानुता स्तासिक पोलैण्ड
16. श्री हेलमुट नेस्पिटालर जर्मनी
17. श्री बर्खुदारोव रूस
18. श्रीमती निकोल बलबीर फ्रांस
19. श्री विनांत केलवर्द बेल्जियम
20. श्री डेविड लारेन्जो मैक्सिको

भारतीय हिंदी विद्वान

क्र.सं. नाम
1. डॉ. लक्ष्मी मल्ल सिंघवी
2. श्री नरेन्द्र मोहन
3. श्रीमती शिवानी
4. श्री मधुकर राव चौधरी
5. श्रीमती मेहरून्निसा परवेज
6. श्री श्रीलाल शुक्ल
7. डॉ. महीप सिंह
8. श्री विश्वनाथ अय्यर
9. श्री कल्याण मल लोढ़ा
10. श्री शौरी राजन
11. श्री नरेश मेहता
12. श्री गोविंद चन्द्र पाण्डेय
13. श्री रामविलास शर्मा
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