श्रीमती सुषमा स्वराज

संदेश

यह बहुत ही हर्ष की बात है कि सर्वप्रथम १९७५ में नागपुर से प्रारंभ करते हुए जोहांसबर्ग में ९वें विश्व हिंदी सम्मेलन का सफलतापूर्वक पड़ाव पार कर १०वां विश्व हिंदी सम्मेलन १०-१२ सितंबर, २०१५ के दौरान मध्य प्रदेश राज्य की राजधानी 'भोपाल' में आयोजित किया जा रहा है। १०वें विश्व हिंदी सम्मेलन का मुख्य विषय ''हिंदी जगत-विस्तार एवं संभावनाएं'' होगा।


चार दशकों से अधिक समय से विश्व हिंदी सम्मेलनों के आयोजन का विशेष महत्व है क्योंकि पूरे विश्व में 'हिंदी' ऐसी भाषा है जिस पर वैश्विक पटल पर इतने भव्य तरीके से सम्मेलन का आयोजन किया जाता है इससे सिद्ध हो जाता है कि हिंदी न केवल भारत अपितु विश्व के विभिन्न देशों में अपनी पकड़ एवं पहचान स्थापित करती जा रही है। इस प्रक्रिया ने स्वतः गति नहीं पकड़ी है, इसके लिए देश-विदेश के विद्वानों ने हिंदी के विकास के लिए अथक प्रयास किए हैं और हिंदी को समकालीन परिप्रेक्ष्य में और अधिक सार्थक बनाया है।

१०वां विश्व हिंदी सम्मेलन राजनीति, शिक्षा, संस्कृति, साहित्य, सिनेमा, शासकीय तंत्र तथा विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी जैसे विविध क्षेत्रों के हिंदी प्रेमियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी को प्रोत्साहित करने के लिए विचारों का आदान-प्रदान करने का मंच होगा। इस सम्मेलन में भाग ले रहे देश-विदेश के प्रतिभागियों को भोपाल की ऐतिहासिक धरोहर, सांस्कृतिक विरासत एवं गौरवशाली परंपरा को जानने का भी अवसर मिलेगा। मैं देश-विदेश के हिंदी प्रेमियों को बड़ी संख्या में १०वें विश्व हिंदी सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित करती हूँ।

(सुषमा स्वराज)
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