श्री विजय कुमार सिंह

मुझे हार्दिक प्रसन्नता है कि 10-12 सितंबर, 2015 के दौरान 10वां विश्व हिंदी सम्मेलन, मध्य प्रदेश के भोपाल नगर में आयोजित किया जा रहा है।

भारतीय साहित्य, संस्कृति, सामाजिक मूल्यों एवं विविध परंपराओं का प्रतिनिधित्व करती हुई हिंदी वैश्विक ऊंचाइयां छूती जा रही है। हिंदी प्राचीन और आधुनिक युग की खाई को पाटते हुए बहुत तेजी से सूचना एवं प्रौद्योगिकी, विज्ञान और तकनीकी की भाषा और माध्यम के रूप में भी उभर रही है। वाणिज्य के क्षेत्र में भी इस भाषा का उपयोग बढ़ रहा है क्योंकि विदेशी छात्र एवं भारत में कार्यरत विदेशी मल्टीनेशनल कंपनियां कारोबार बढ़ाने के लिए हिंदी को अपना रहे हैं।

इसमें कोई संदेह नहीं कि भारत के एक प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र – भोपाल में आयोजित किए जा रहे इस 10वें विश्व हिंदी सम्मेलन के दौरान विदेशी तथा भारतीय विद्वानों और विचारकों को हिंदी भाषा के विस्तार से संबंधित विभिन्न विकल्पों पर विचार-विमर्श करने का अच्छा अवसर प्राप्त होगा।

मेरी ओर से इस सम्मेलन की सफलता के लिए शुभकामनाएं।

[जनरल (डॉ.) वी. के. सिंह (सेवानिवृत्त)]
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